प्रखंड कार्यालय में गूंजा वित्तीय साक्षरता का मंत्र, बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए ग्रामीणों को किया गया ‘अपडेट’

अनूप सिंह

ग्रामीण इलाकों में डिजिटल क्रांति के साथ-साथ बढ़ रहे साइबर खतरों से निपटने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँचाने के लिए मंगलवार को कांडी प्रखंड कार्यालय के सभागार में एक भव्य ‘वित्तीय साक्षरता शिविर’ का आयोजन किया गया। इस शिविर ने न केवल ग्रामीणों को बैंकिंग की बारीकियों से रूबरू कराया, बल्कि बिचौलियों के मकड़जाल को तोड़ने का भी शंखनाद किया।कार्यक्रम का नेतृत्व प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक विक्रांत कुमार ने संयुक्त रूप से किया। शिविर के केंद्र बिंदु रहे भारतीय स्टेट बैंक के जिला काउंसलर कमल कुमार और झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के जिला काउंसलर राजीव कुमार दुबे। इन विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में बैंकिंग धोखाधड़ी और साइबर अपराध के नए-नए तरीकों का खुलासा करते हुए ग्रामीणों को सुरक्षा के ‘गुरुमंत्र’ दिए।

बैंक काउंसलर्स ने दो टूक शब्दों में कहा कि अपनी गोपनीय जानकारी कभी किसी से साझा न करें। उन्होंने सुरक्षित डिजिटल लेनदेन और सरकारी योजनाओं की तकनीकी बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बीडीओ ने पंचायत सचिवों और रोजगार सेवकों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता लाएं और ग्रामीणों को बिचौलियों से दूर रहने के लिए जागरूक करें। शिविर में प्रखंड प्रमुख सत्येंद्र कुमार पांडेय (पिंकू पांडेय) और जिला परिषद प्रतिनिधि दिनेश कुमार ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक जनता जागरूक नहीं होगी, तब तक बिचौलियों का प्रभाव खत्म नहीं होगा।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि वित्तीय साक्षरता ही ग्रामीण सशक्तिकरण की असली कुंजी है।इस महत्वपूर्ण अवसर पर पंचायत सहायक कमल किशोर तिवारी, मणिकांत दुबे, अशोक कुमार गुप्ता, अनिल कुमार राम और सत्येंद्र राम सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे। वहीं, आंगनवाड़ी सेविकाओं—सुवन्ती देवी, मंजू देवी, लक्ष्मी देवी, सरिता देवी, मधु देवी और प्रमिला देवी ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का संकल्प दोहराया।

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