कोयले की चाल धसने से मजदूर की हुई मौत , आपसी समझौते के बाद मामला सल्टा 

कोल माफियाओं के द्वारा नापों इंदिरा का अवैध कोयला लुरूँगा में हो रहा है डंप, भारी मात्रा में हो रहा है अवैध कारोबार

विष्णु गुप्ता:

सोमवार की शाम 5:00 नापों और इंदिरा के बीच में सीसी लॉन्ग अवैध कोयला खदान में होरम गांव निवासी मजदूर 35 वर्षीय हरिनाथ महतो की कोयले की चाल धसने से मौत हो गई। घटना को लेकर होरम गांव के ग्रामीणों एवं कोयला खदान संचालक के बीच मामले को रफा दफा करने के लिए कई घंटे विचार विमर्श किया गया । मंगलवार सुबह 3:30 बजे आपसी सामंजस्य बैठने के बाद मामले का समाधान कर लिया गया। आनन फानन में अंधेरी की रात में ही हरिनाथ का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

सूत्रों द्वारा बताया गया कि सभी पांचो कोयला खदान संचालक ने मृतक के परिवार को ₹275000 राशि सहयोग देने के रूप में सहमति बनी है। ज्ञात हो की इसी खदान में 15 -20 दिन पूर्व कोयले की चाल धंसने से दो लोग बाल बाल बच गए थे। चाल धसने के महज 2 मिनट पूर्व खदान से दो खदान संचालक बाहर निकले थे। अन्यथा बड़ी घटना घट सकती थी। बताते चलें कि इसके आसपास तकरीबन 20 से 25 अवैध कोयला खदान चलाये जा रहे हैं ,कोयला खदान के अंदर में , तकरीबन 1 किलोमीटर व्यास में सैकड़ो पिलर के साथ हॉल बन गया है जो कभी भी बड़ी घटना घटने के संकेत नजर आ रहे हैं। यहां से अवैध कोयला निकालकर लूरुँगा के आसपास अवैध रूप से कोयला डंप किया जा रहा है और भारी मात्रा में रोजाना रात के अंधेरे में 15 से 20 बड़ी वाहन से बाहर के मंडी में भेजी जा रही है । कुछ गाड़ियां उरीमारी से होकर गुजरती है तो कुछ गाड़ियां बड़कागांव से होकर गुजरती हैं।

लूरुंगा में कोल माफिया और ग्रामीणों के बीच कोयले की लेनदेन को लेकर आपस में ही कई बार रोजाना लड़ाई झगड़ा निरंतर होने की बात सामने आ रही है ,कभी भी खूनी संघर्ष में तब्दील हो सकता है। यह कभी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। पुलिस प्रशासन एवं वन विभाग को इस ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि समय रहते सभी प्रकार की दुर्घटनाओं को टाला जा सके। वही मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़कागांव वन क्षेत्र पदाधिकारी रामबाबू कुमार ने कहा कि किसी भी हालत में अवैध कोयले का कारोबार होने नहीं दिया जाएगा शिकायतें बहुत मिली हैं जो भी इसमें शामिल होंगे उन पर निश्चित कार्रवाई होगी, उन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

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