जाम की समस्या से मझिआंव शहर परेशान,जाम में फंसी रही एंबुलेंस 

अनुप सिंह

 

मझिआंव:- शहर का मुख्य मार्ग विशेष रूप से मेन रोड स्थित ब्लॉक मोड़ से तीन मुहान और गढ़वा-मझिआंव -सुंडीपुर मुख्य मार्ग पर पुरानी नगर पंचायत कार्यालय से लेकर स्टेट बैंक तक गंभीर जाम की समस्या से लोग जूझ रहे हैं।इसी बीच मारपीट में दो घायल व्यक्तियों को ले जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही। इस सड़क पर जाम लगने का मुख्य सड़क बजार समिति तिनमुहान पर फल दुकान, मिठाई दुकान एवं कपड़ा दुकान के साथ-साथ दुकानदारों द्वारा नाली एवं सड़क के सफेद रंग तक अतिक्रमण बताया जा रहा है। यहां प्रतिदिन लगने वाले जाम से आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों,स्कूल बसों के साथ ही एम्बुलेंस को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बताते चलें कि शुक्रवार की पूर्वाहन लगभग पांच बजे फल दुकान एवं मिठाई दुकान नाली के अंदर सड़क पर दुकान लगने से जाम लग गई, और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान बरडीहा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरछा बांध में हुई आपसी रंजिश में गंभीर रूप से घायल लालू प्रसाद यादव एवं उनके पुत्र अरुण कुमार यादव को 108 एम्बुलेंस मझिआंव रेफरल अस्पताल से गढ़वा सदर अस्पताल ले जा रही थी इस दौरान मुख्य बाजार तीन मुहान से बाजार समिति तीन मुहान से आगे तक लगभग 20 मिनट जाम में फंसी रही। जबकि इस दौरान एम्बुलेंस चालक सायरन बजाते हुए अनाउंसमेंट भी किया लेकिन मुख सड़क पर दुकान लगे होने व अवरोध होने के कारण रास्ता क्लियर नहीं मिला। एंबुलेंस चालक ने भी बताया कि गंभीर मरीज है और उसे गढ़वा सदर अस्पताल ले जाया जा रहा है।

बताते चलें कि स्थिति यह है कि सुबह से लेकर देर शाम तक सड़क पर किसी भी समय वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। जिससे लोगों का कीमती समय बर्बाद होता है ,और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

इस जाम की समस्या के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। सबसे बड़ी समस्या सड़क के दोनों किनारों पर बनी नालियों पर दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण है। इन अतिक्रमणों के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। जिससे वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है। इसके अलावा, शहर में बस स्टैंड की व्यवस्था नहीं होना भी एक बड़ा कारण है। लगभग 15 वर्ष पूर्व नगर पंचायत का गठन हुआ था, लेकिन आज तक एक व्यवस्थित बस स्टैंड का निर्माण नहीं किया जा सका है। परिणामस्वरूप बसें और अन्य बड़े वाहन सड़क किनारे ही रुकते हैं।जिससे जाम की स्थिति और भी विकट हो जाती है।

इसके साथ ही दोपहिया वाहनों और टैंपो का बे-तरतीब संचालन भी समस्या को बढ़ा रहा है। बिना किसी निर्धारित स्थान के ये वाहन सड़क पर कहीं भी रुक जाते हैं। जिससे यातायात बाधित होता है। इस मार्ग से बिहार,उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के लिए भी भारी वाहनों का आवागमन होता है, जिससे सड़क पर दबाव और बढ़ जाता है। इतना ही नहीं शहर में कुछ स्थाई दुकानों के सामने ठेला एवं खोमचा वालों के द्वारा ठेला मुख्य सड़क पर ही लगाया जाता है। और इसके एवज में स्थाई दुकानदारों के द्वारा प्रतिदिन किराए के रूप में 50 से 100 रुपए की वसूली भी की जाती है, यह भी जाम का एक मुख्य कारण है। इधर इस संबंध में मजदूर यूनियन संघ के अध्यक्ष अवध बिहारी सिंह उर्फ माखन सिंह ने कहा कि स्थानीय लोग वर्षों से प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यदि समय रहते इस दिशा में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। प्रशासन को चाहिए कि अतिक्रमण हटाने, बस स्टैंड निर्माण और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाए। ताकि मझिआंव शहर को इस जाम की समस्या से राहत मिल सके।

साथ ही माखन सिंह ने यह भी कहा कि खाता संख्या 208, प्लॉट संख्या 553, 554, 555 एवं ब्लॉक रोड में काफी स्थान पर कई बार चिन्हित भी किया गया, लाल निशान भी लगाए गए लेकिन पदाधिकारी के द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया। लोगों के बीच यह गंभीर सवाल है। अगर यह क्षेत्र खाली करा लिया जाता तो सड़क काफी चौड़ा हो जाता। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस या स्कूल वहां जब जाम में फंस जाता है तो काफी परेशानी होती है।

इस संबंध में पूछे जाने पर बीडीओ सह प्रभारी सीओ श्रीमती कनक ने बताई की समय अभाव में अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। समय पर पुलिस भी साथ नहीं देते हैं। कहीं की वे पूरा मापी करा कर मझिआंव मेन रोड एवं ब्लॉक रोड को पूर्ण रूप से अतिक्रमण हटाने की बात कहीं।

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