दलालों के सहारे चल रहा है अंचल कार्यालय
उमेश कुमार
रमना – अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रस्टाचार और जमीन सम्बंधित मामलो में दलालो कि चलती का मामला का उजागर म्युटेशन आवेदक द्वारा वर्षो इंतजार के बाद भी म्यूटेशन नहीं होने और बार बार कार्यालय के चक़्कर लगाते-लगाते अजीज होकर इसकी शिकायत प्रमुख करुणा सोनी से किया, जिससे नाराज होकर अंचल कर्मी /निरीक्षक दिवाकर सिंह नें रिश्वत कि रकम वापस करते हुए आवेदक का म्यूटेशन नहीं हो पाने का बात कहते हुए लिए गये रिश्वत कि राशि वापस करने का विडिओ प्रमुख करुणा सोनी के सोशल मिडिया अकाउंट पर प्रसारित हो रहा। जिसपर लोग अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रस्टाचार को लेकर तरह-तरह के प्रतिक्रिया दें रहे है।

प्रमुख करुणा शोनी
इस सम्बन्ध में प्रमुख करुणा सोनी नें जानकारी देते हुए बतायी कि कुछ ग्रामीणों द्वारा शिकायत कि गयी कि अंचल कर्मी द्वारा केवाला म्यूटेशन को लेकर प्रति केवाला पांच-पांच हजार रूपये कि रिश्वत करीब एक वर्ष पूर्व ही तीन लोगो से कुल 15 हजार लिया गया और म्यूटेशन के नाम पर ग्रामीणों को बार-बार कार्यालय दौड़ाया गया। इससे परेशान होकर ग्रामीणों नें इसकी शिकायत प्रमुख से किया। इस पर प्रमुख करुणा सोनी नें उक्त कर्मी को इस सम्बन्ध में जानकारी के लिए अपने कार्यालय बुलाई। जिसपर अंचल कर्मी दिवाकर सिंह नें आने से साफ मना कर दिया एवं इस शिकायत के बारे में बोला गया कि अंचलाधिकारी के अधीन मैं काम करता हूँ। इसका जवाब उनको दूंगा। इसके बाद प्रमुख अंचल कार्यालय गयी,जिस पर कर्मी दिवाकर सिंह के द्वारा प्रमुख करुणा सोनी से बदशलुकी से बात किया।

दिवाकर सिंह कर्मचारी
इसकी लिखित शिकायत प्रमुख करुणा सोनी नें उपायुक्त गढ़वा से कर अंचल कार्यालय के दलाल वीडियो के माध्यम दिलीप मेहता दिखा एवं उक्त कर्मी के विरुद्ध करवाई कि मांग कि है।

अन्य व्यक्ति दिलीप कुशवाहा
इससे पूर्व में रमना के उमेश प्रसाद गुप्ता के द्वारा म्यूटेशन के लिए पैसे लेकर भी म्यूटेशन नहीं करने कि शिकायत गढ़वा उपायुक्त से किया गया था। इसके बावजूद भी उक्त कर्मी रमना अंचल में अंचल निरीक्षक के कार्य करते रहे अब देखना दिलचस्प होगा कि स्वयं से पैसे कि बात बोल कर और दलाल दिलीप मेहता से लिए गये रकम वापस कराते हुए का विडिओ के बाद क्या करवाई होता है या केवल खाना पूर्ति ही होता है।

