‘कॉफी विद एसडीएम’ में पहुंचे जेसीबी संचालक,सात ने की सरस्वतिया सफाई में स्वेच्छा से जेसीबी देने की पेशकश
अनुप सिंह
गढ़वा:अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम “कॉफी विद एसडीएम” के तहत इस सप्ताह अनुमंडल क्षेत्र के जेसीबी मालिकों एवं संचालकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एक दर्जन से अधिक जेसीबी मालिकों ने भाग लिया तथा विभिन्न जनहित एवं विकास संबंधी विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए।
*सरस्वतिया अभियान को मिला जेसीबी मालिकों का सहयोग*
कार्यक्रम के दौरान सरस्वतिया नदी के संरक्षण, सफाई एवं पुनर्जीवन को लेकर चलाए जा रहे अभियान पर भी चर्चा हुई। इस दौरान उपस्थित प्रतिभागियों में से सात जेसीबी मालिकों ने स्वेच्छा से अपनी जेसीबी मशीनें एक-एक दिन के लिए आपन सरस्वतिया अभियान के लिए उपलब्ध कराने की पेशकश की। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है और इसके लिए वे अपनी ओर से हरसंभव सहयोग देने को तैयार हैं। जिन लोगों ने यह पेशकश की उनमें मुकेश कुमार पाठक,, राम उदय कंस्ट्रक्शन, रविकांत दुबे, वीरेंद्र तिवारी मुखिया करकोमा, सकेंद्र मेहता, दीपक पाठक आदि शामिल है।

*जनभागीदारी से ही सफल होंगे अभियान*
एसडीएम ने प्रतिभागियों के इस सकारात्मक सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी जनहितकारी अभियान की सफलता में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि सरस्वतिया नदी का संरक्षण पर्यावरण, जलस्रोतों एवं आने वाली पीढ़ियों के हित से जुड़ा विषय है, इसलिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है।
*खुलकर रखे सुझाव एवं समस्याएं*
संवाद के दौरान जेसीबी मालिकों ने अपने व्यवसाय से जुड़ी चुनौतियों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा क्षेत्रीय विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव दिए। एसडीएम ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक पहल का आश्वासन दिया।

*अवैध कार्यों से जेसीबी को रखें दूर*
एसडीएम ने कॉफ़ी विद एसडीएम के माध्यम से अनुमंडल क्षेत्र के सभी जेसीबी संचालकों से कहा कि वे अपने जेसीबी अवैध खनन जैसे कार्यों में न लगायें क्योंकि यह कृत्य उन्हें मुसीबत में डाल सकता है।
*आपदा और दुर्घटना में मदद का भाव रखें*
एसडीएम में उपस्थित सहभागियों के माध्यम से अनुमंडल क्षेत्र के सभी जेसीबी संचालकों से अनुरोध किया कि वे सड़क दुर्घटना या अन्य आपदा के मामलों में स्वैच्छिक रूप से बढ़कर सहयोग की भावना रखते हुए पीड़ितों की मदद करें। इस पर कई जेसीबी संचालकों ने कहा कि उनके आसपास कोई दुर्घटना होती है तो किसी पलटे हुए वाहन को उठाने या अन्य राहत कार्यों में बढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस पर एसडीएम ने उनके इस उदार भाव पर साधुवाद दिया।
कुछ जेसीबी संचालकों ने अपने-अपने गांव से संबंधित कुछ मुद्दों को उठाया जिन पर एसडीएम ने सकारात्मक भरोसा दिलाया।

*पेट्रोल पंप से मिल रहा है कम डीजल*
कुछ जेसीबी संचालकों ने परेशानी रखी कि वे जब किसी पेट्रोल पंप में जाते हैं तो उनको अधिक से अधिक ₹2000 का ही डीजल दिया जाता है। जबकि जेसीबी में ज्यादा तेल की आवश्यकता होती है, इसलिए उन्हें कम से कम 50 लीटर तेल दिलाया जाए। इस पर एसडीएम ने कहा कि वह संबंधित संगठन एवं अधिकारियों से बात करेंगे।
कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा प्रतिभागियों ने इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों को प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय का प्रभावी माध्यम बताया।



