मझिआंव नगर पंचायत में 37 करोड़ की लागत से बन रहे सरकार की शहरी पेयजलापूर्ति योजना फेल

 

8 वर्ष बाद भी नहीं हो सकी शहरी पेयजलापूर्ति योजना की शुरुआत

अनुप सिंह

मझिआंव:- नगर पंचायत क्षेत्र में नगर विकास के निर्देश पर लगभग 37 करोड़ की लागत से बन रहे शहरी पेय जलापूर्ति योजना फेल हो चुकी।इधर झारखंड अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (JUDCO) के माध्यम से बनाई जा रही अर्बन वाटर सप्लाई स्कीम के तहत वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण सत्र 2018 से कराया जा रहा है। जो लगभग एक साल पहले इंटेक वे,पानी टंकी,मेन पाइप लाइन बनकर तैयार भी हो चुका है। इसके बावजूद नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को इस योजना का लाभ अभी तक नहीं मिल पाया है। और भीषण गर्मी में हजारों लोग टैंकर के पानी पर आश्रित हैं। शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र टैंकर लगते ही बाल्टी बाल्टी पानी भरने पर मजबुर हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य नगर पंचायत क्षेत्र के सभी वार्डों के प्रत्येक घरों में स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना था। ताकि स्थानीय लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल सके।

नगर पंचायत क्षेत्र कि कुल आबादी 18047 है। और 12 वार्ड है। वार्ड नंबर 1 से 6 तक की पेय जलापूर्ति करने को लेकर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के समीप साढ़े 17 लाख लीटर पानी की कैपेसिटी का पानी टंकी बनकर तैयार है। वहीं 6 से 12 वार्ड के लिए भूसुआ गांव में साढ़े 7 लाख लीटर कैपेसिटी का पानी टंकी बना हुआ है। इसके बावजूद अब तक नगर क्षेत्र के लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पानी प्लांट के निर्माण के बाद भी पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है,जिससे लोगों में नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

नगर पंचायत क्षेत्र के कई वार्डों में आज भी पेयजल की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब इतने बड़े बजट से जलापूर्ति योजना तैयार की गई है तो फिर उसका लाभ आम जनता तक क्यों नहीं पहुंच रहा है। लोगों को उम्मीद थी कि योजना शुरू होने के बाद उन्हें स्वच्छ और पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा,लेकिन अभी तक स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। हालांकि वर्तमान समय में नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा देवी के निर्देश पर नगर पंचायत कार्यालय के द्वारा टैंकर के माध्यम से 3, 4, 5, 6 एवं 7 सहित विभिन्न वार्डों में पेयजलापूर्ति कराई जा रही है।और भीषण गर्मी में हजारों लोग टैंकर के पानी पर आश्रित हैं। शहरी क्षेत्र में टैंकर लगते ही बाल्टी बाल्टी पानी भरने पर मजबुर हैं। नगर पंचायत कार्यालय के विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रतिदिन लगभग 80 हजार लीटर पानी वितरण किया जा रहा है। बताया गया कि ट्रक टैंकर से मेन रोड एवं ब्लॉक रोड एवं ट्रैक्टर से 3,4,5,6 एवं 7 मैं वितरण किया जा रहा है जो एक दिन में एक वाहन 5 से 6 बार पानी वितरण करता है।

इसके लिए नगर पंचायत को प्रतिवर्ष लगभग एक से डेढ़ से दो लाख रुपये तक खर्च वहन करना पड़ता हैं।जो अनावश्यक रूप से सरकार कि राजस्व की काफी हानि हो रही है।

इधर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के जेई हाशिम ने बताया कि पेयजलापूर्ति योजना के तहत बन रहे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम लगभग 85% पूर्ण हो चुका है। शहर के मेन रोड में सड़क पर पाइप लाइन बिछाने में आ रही परेशानी के कारण कार्य रुका हुआ है।कहा कि सप्ताह दस दिन के अंदर टंकी में पानी पहुंच जाएगा। उसके बाद जहां-जहां डिस्ट्रीब्यूशन पाइप गया है, वहां तक पानी की सप्लाई चालू कर दी जाएगी।

वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा देवी ने बताई की शहरी पेयजलापूर्ति के संवेदक के द्वारा कार्य में लापरवाही को देखते हुए नगर विकास विभाग को पत्राचार कर जुडको लिमिटेड एवं संवेदक साराठिया बेल्जी रत्ना को अभिलंब कार्य पूर्ण करने हेतु निर्देशित करने का आग्रह किया है। फिलहाल जिस वार्ड में पानी की समस्या है वहां टैंकर के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। जहां चापाकल एवं सोलर पानी टंकी खराब हो रहा है वहां तुरंत टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है, और चापाकल एवं पानी टंकी को ठीक कराया जा रहा है।

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