डाल्टनगंज तक पैसेंजर ट्रेन चलाने की उठी मांग, बाजार और कारोबार पर भी पड़ा असर
अनुप सिंह
मोहम्मदगंज (पलामू): पूर्व मध्य रेल के धनबाद मंडल अंतर्गत मंगरा–बरवाडीह रेलखंड में चल रहे नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण बरवाडीह–डेहरी ऑन सोन रेलखंड की सभी यात्री ट्रेनों का परिचालन कई दिनों के लिए रद्द कर दिए जाने से आम यात्रियों की परेशानी चरम पर पहुंच गई है। रेल सेवा ठप होने का असर केवल यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि रेलवे पर निर्भर स्थानीय बाजार, छोटे व्यवसायियों और दैनिक यात्रियों के जीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
मोहम्मदगंज, हैदरनगर, जापला, कुटमु, डेहरी सहित पूरे रेलखंड में हजारों लोग प्रतिदिन शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए रेल सेवा का उपयोग करते हैं। ऐसे में यात्री ट्रेनों के अचानक बंद हो जाने से लोगों को महंगे निजी वाहनों और बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ-साथ समय की भी भारी बर्बादी हो रही है।

सबसे अधिक असर मोहम्मदगंज बाजार क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है। सामान्य दिनों में रेलवे स्टेशन और बाजार में यात्रियों की आवाजाही से रौनक बनी रहती थी, लेकिन ट्रेनों के बंद होने के कारण बाजार में सन्नाटा पसर गया है। दुकानदारों का कहना है कि बिक्री में भारी गिरावट आई है और छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि एनआई कार्य के दौरान मालगाड़ियों का परिचालन लगभग सामान्य रूप से जारी है, जबकि आम जनता के लिए जीवनरेखा मानी जाने वाली यात्री ट्रेनों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि यदि मंगरा–बरवाडीह रेलखंड में कार्य चल रहा है तो कम से कम यात्री ट्रेनों का परिचालन डाल्टनगंज तक कराया जा सकता है, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन पर यात्रियों की सुविधा की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर आम जनता को पूरी तरह असुविधा में डालना उचित नहीं है। उनका कहना है कि रेलवे को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।

क्षेत्र के लोगों ने पलामू सांसद बी.डी. राम, स्थानीय विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप कर रेलवे प्रशासन से बात करने तथा एनआई कार्य अवधि में पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन कम से कम डाल्टनगंज तक सुनिश्चित कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो व्यापक जनआंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जा सकती है।
यात्रियों का स्पष्ट कहना है कि रेल सुविधा इस क्षेत्र की लाइफ लाइन है और इसके बंद होने से पूरा जनजीवन प्रभावित हो गया है। ऐसे में रेलवे प्रशासन को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए तत्काल राहतकारी कदम उठाने चाहिए।

