अनुप सिंह
मझिआंव: – पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को मझिआंव थाना प्रभारी अमित कुमार के नेतृत्व में कस्तूरबा गांधी बालिका +2 उच्च विद्यालय, मंझिऑव में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों की उपस्थिति में पुलिस पदाधिकारियों ने सैकड़ों छात्राओं को सामाजिक कुरीतियों, कानून और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी।

जैसे सड़क सुरक्षा: थाना प्रभारी अमित कुमार ने छात्राओं को हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रैफिक सिग्नल के पालन का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि छोटी सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। नाबालिक बच्चों को वाहन नहीं चलाने की बात कही।
बाल विवाह व डायन प्रथा: उन्होंने बाल विवाह को कानूनी अपराध बताते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करना और करवाना दोनों दंडनीय है। साथ ही डायन प्रथा जैसी अंधविश्वास आधारित कुप्रथा की जानकारी दी और इसके खिलाफ आवाज उठाने को कहा।

डायल 112: किसी भी आपात स्थिति – छेड़खानी, दुर्घटना, घरेलू हिंसा या अपराध की स्थिति में तुरंत डायल 112 पर कॉल करने की अपील की। उन्होंने बताया कि यह सेवा 24×7 उपलब्ध है और 10-15 मिनट में मदद पहुंचती है।
साइबर सुरक्षा: मोबाइल और इंटरनेट के दौर में छात्राओं को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके बताए गए। अनजान लिंक पर क्लिक न करना, ओटीपी-पिन किसी से शेयर न करना और सोशल मीडिया पर निजी फोटो-जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई।

नशा मुक्ति: नशे के दुष्प्रभाव बताते हुए छात्राओं से न सिर्फ खुद दूर रहने बल्कि अपने परिवार और मोहल्ले में भी लोगों को जागरूक करने को कहा गया।
इसके साथ-साथ थाना प्रभारी अमित कुमार ने कहा कि “छात्राएं कल का भविष्य हैं। अगर ये जागरूक होंगी तो समाज खुद बदल जाएगा। डरें नहीं, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं और पुलिस आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार है।”

विद्यालय की प्राचार्य व शिक्षकों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे कानून को लेकर सजग होती हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ, जिसमें छात्राओं ने बेझिझक अपनी शंकाएं पूछीं। पुलिस पदाधिकारियों ने मौके पर ही सभी सवालों के जवाब दिए।
थाना प्रभारी ने बताया कि एसपी के निर्देश पर थाना क्षेत्र के सभी स्कूल-कॉलेजों में चरणबद्ध तरीके से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अपराध पर रोक लगे और सामाजिक कुरीतियां खत्म हों।



