“सशक्त युवा, नशा मुक्त समाज” नाटक का दिखा गहरा असर,बीडीओ के संबोधन के बाद ग्रामीणों ने त्यागा नशा, सौंपी खैनी की चुनौटी 

अनुप सिंह

झारखंड राज्य युवा आयोग (पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग) के तत्वावधान में रांची से आए तीन कलाकारों द्वारा बरडीहा प्रखंड परिसर में एक नुक्कड़ नाटक का जीवंत मंचन किया गया। “सशक्त युवा, नशा मुक्त समाज” थीम पर आधारित इस नाटक को देखने के लिए जनता दरबार में आए विभिन्न गाँवों के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

नाटक इतना मर्मस्पर्शी और प्रभावशाली था कि इसने वहाँ मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया। मंचन की समाप्ति के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी सह सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने बेहद भावनात्मक रूप से लोगों को संबोधित किया।

*ग्रामीणों को नशा मुक्ति की प्रेरणा देते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री प्रवीण कुमार सिंह ने कहा: “नशापान हमारे समाज और परिवार का सबसे बड़ा दुश्मन है। यह हँसते-खेलते परिवारों को धीरे-धीरे अंदर से खोखला कर पूरी तरह नष्ट कर देता है। यदि हमें एक सशक्त समाज और उज्जवल भविष्य का निर्माण करना है, तो युवाओं को इस लत से दूर रहना होगा।”*

नाटक के गहरे संदेश और बीडीओ श्री सिंह के संवेदनशील भाषण का जनता पर तत्काल और अभूतपूर्व असर देखने को मिला। प्रभावित होकर एक युवा और एक बुजुर्ग ग्रामीण ने तुरंत आगे बढ़कर अपनी खैनी की चुनौटी व अन्य नशीले सामान प्रखंड विकास पदाधिकारी को सुपुर्द कर दिए। दोनों ने सबके सामने संकल्प लिया कि आज के बाद वे जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे। इस साहसिक कदम का वहाँ उपस्थित तमाम जनता और अधिकारियों ने तालियाँ बजाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।

कलाकारों को बीडीओ की सीख: संवेदनशीलता से करें समाज में बदलाव का प्रयास

सफल मंचन के बाद बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह ने रांची से आए कलाकारों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण सीख भी दी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए इस टास्क को महज एक ‘खानापूर्ति’ या औपचारिकता न समझें। इसे पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ धरातल पर उतारें, ताकि समाज में सही और गहरा संदेश जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का वास्तविक उद्देश्य भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और सामाजिक बदलाव के प्रयासों को गति देना है।

इस कार्यक्रम ने न केवल लोगों को जागरूक किया, बल्कि मौके पर ही समाज में बदलाव की एक नई और सकारात्मक शुरुआत की मिसाल पेश की।

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