विद्यालय परिसर में जल जमाव को लेकर छात्रों को की गई छुट्टी ,भारी बारिश से अबुआ आवास का जर्जर घर गिरा, कुआं भी धंसा

मिसीरबिघा टोला में आवास लाभुक की बढ़ी चिंता, कुआं ढहने से 10-12 एकड़ भूमि की सिंचाई प्रभावित होने की आशंका 

अनुप सिंह 

मझिआंव(गढ़वा):- प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोरबे में स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय के प्रांगण में लगभग एक से डेढ़ फुट जल जमाव हो जाने के कारण विद्यालय के सभी बच्चों की छुट्टी कर दी गई। बताते चलें कि शुक्रवार कि रात्रि में हुई भारी बारिश के कारण मझिआंव प्रखंड क्षेत्र के मोरबे पंचायत अंतर्गत मोरबे एवं मिसीरबिघा टोला में कई समस्याएं सामने आई है। इस संबंध में प्रभारी प्रधानाध्यापक हरेंद्र कुमार रवि ने बताया कि विद्यालय में एक से दस तक कुल 785 बच्चे हैं, शुक्रवार की रात्रि में भारी बारिश होने के कारण विद्यालय परिसर पूरा डूब चुका था जिसको लेकर बीआरसी कार्यालय को सूचित करते हुए विद्यालय बंद कर दिया गया। पानी निकास नहीं होने के कारण यह समस्या बराबर बन जा रहा है।

वहीं मोरबे के मिसीरबिघा में अबुआ आवास की लाभुक अनिता देवी पति अवधेश प्रजापति का जर्जर मिट्टी का घर बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। घर का एक हिस्सा गिर गया।जबकि शेष कमरों के भी कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है।लाभुक अनिता देवी ने बताया कि वर्ष 2025 में उन्हें अबुआ आवास स्वीकृत हुआ था। आवास निर्माण के लिए उन्हें प्रथम किस्त के रूप में मात्र 30 हजार रुपये मिले। इसके बाद राशि नहीं मिलने के कारण आवास का निर्माण पूरा नहीं हो सका।

आवास बनाने की उम्मीद में उन्होंने अपना पुराना घर भी तोड़ दिया था। वर्तमान में मिट्टी के एक-दो कमरे ही बचे हैं, जो बारिश में गिरने के कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि यदि शुक्रवार की रात जैसी बारिश दोबारा हुई तो परिवार के साथ अप्रिय घटना होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इसी टोला में वर्षों पुराना एक कुआं भी भारी बारिश के कारण ढह गया। किसान अशोक प्रजापति, रामसुंदर प्रजापति सहित अन्य ने बताया कि कुएं से मोहन प्रजापति, लाल मोहन प्रजापति, अशोक प्रजापति, रामसुंदर प्रजापति, योगेश्वर प्रजापति एवं मुनि प्रजापति समेत अन्य पट्टीदारों की करीब 10 से 12 एकड़ भूमि सिंचित होती थी। कुआं ध्वस्त होने से खेती प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों ने पदाधिकारियों से कुएं की मरम्मती या नया कुआं उपलब्ध कराने की मांग की है।

Leave a Comment