संतान नहीं होने के बावजूद बच्चों से मिला मां से बढ़कर प्यार, सावित्री देवी के निधन से पसरा मातम

अनूप सिंह 

मझिआंव(गढ़वा) :- नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर-4 स्थित मझिआंव खुर्द गांव निवासी सुचिन्द्रनाथ तिवारी की पत्नी सावित्री देवी (70) का शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे अचानक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए घर पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

परिजनों के अनुसार, सुबह नित्य क्रिया से निवृत्त होने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए गढ़वा ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

सावित्री देवी बेहद मिलनसार, मृदुभाषी और स्नेही स्वभाव की महिला थीं। उनके जीवन की सबसे भावुक बात यह थी कि उनकी अपनी कोई संतान नहीं थी, लेकिन उन्होंने कभी इस कमी को अपने जीवन पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने अपने ज्येष्ठ और देवर के बच्चों को सगी संतान की तरह नहीं, बल्कि मां से बढ़कर स्नेह और दुलार दिया। बदले में परिवार के बच्चों ने भी उन्हें सगी मां जैसा सम्मान और प्यार दिया। इसी आत्मीय रिश्ते ने उन्हें कभी निसंतान होने का एहसास नहीं होने दिया।

उनका निधन परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।रविवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पति सुचिन्द्रनाथ तिवारी ने उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। उनके निधन से परिजनों और शुभचिंतकों में गहरा शोक है।

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