अनुप सिंह

मझिआंव:- शहर का मुख्य मार्ग विशेष रूप से मेन रोड स्थित ब्लॉक मोड़ तीन मुहान और ब्लॉक रोड क्षेत्र आज गंभीर जाम की समस्या से जूझ रहा है। यहां प्रतिदिन लगने वाले जाम से आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों,स्कूल बसों के साथ ही एम्बुलेंस को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थिति यह है कि सुबह से लेकर देर शाम तक सड़क पर किसी भी समय वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। जिससे लोगों का कीमती समय बर्बाद होता है ,और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
इस जाम की समस्या के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। सबसे बड़ी समस्या सड़क के दोनों किनारों पर बनी नालियों पर दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण है। इन अतिक्रमणों के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। जिससे वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है। इसके अलावा, शहर में बस स्टैंड की व्यवस्था नहीं होना भी एक बड़ा कारण है। लगभग 15 वर्ष पूर्व नगर पंचायत का गठन हुआ था, लेकिन आज तक एक व्यवस्थित बस स्टैंड का निर्माण नहीं किया जा सका है। परिणामस्वरूप बसें और अन्य बड़े वाहन सड़क किनारे ही रुकते हैं।जिससे जाम की स्थिति और भी विकट हो जाती है।

इसके साथ ही दोपहिया वाहनों और टैंपो का बे-तरतीब संचालन भी समस्या को बढ़ा रहा है। बिना किसी निर्धारित स्थान के ये वाहन सड़क पर कहीं भी रुक जाते हैं। जिससे यातायात बाधित होता है। इस मार्ग से बिहार,उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के लिए भी भारी वाहनों का आवागमन होता है, जिससे सड़क पर दबाव और बढ़ जाता है। इतना ही नहीं शहर में कुछ स्थाई दुकानों के सामने ठेला एवं खोमचा वालों के द्वारा ठेला मुख्य सड़क पर ही लगाया जाता है। और इसके एवज में स्थाई दुकानदारों के द्वारा प्रतिदिन किराए के रूप में 100 ₹50 की वसूली भी की जाती है, यह भी जाम का एक मुख्य कारण है।
स्थानीय लोग वर्षों से प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यदि समय रहते इस दिशा में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। प्रशासन को चाहिए कि अतिक्रमण हटाने, बस स्टैंड निर्माण और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाए। ताकि मझिआंव शहर को इस जाम की समस्या से राहत मिल सके।
इधर इस संबंध में व्यवसायी संघ के अध्यक्ष नीरज कमलापुरी ने बताया कि शहर से अलग बाईपास सड़क का निर्माण होना नितांत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस सड़क से उत्तर प्रदेश,बिहार एवं छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में बड़ी गाड़ियों का परिचालन होता है। और ज्यादातर जाम बड़ी गाड़ियों के कारण ही लगता है। तो ऐसी स्थिति में प्रशासन को चाहिए कि स्कूल बस, यात्री बस एवं एंबुलेंस सेवा सहित अन्य आवश्यक वाहनों को छोड़कर शहर से गुजरने वाली बड़ी गाड़ियों पर नो एंट्री लगाया जाए। साथ ही शहर से गुजरने के लिए समय निर्धारित किया जाय।तभी जाकर जाम में कुछ हद तक सुधार हो सकता है।मौजूदा स्थिति में शहर और इससे अधिक चौड़ा नहीं किया जा सकता है।
वहीं इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी कनक से दूरभाष पर संपर्क करने कि कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।


