शिक्षा व्यवस्था पर प्रशासन सख्त : 67 विद्यालयों का औचक निरीक्षण, कई शिक्षक अनुपस्थित पाए गए

ब्यूरो रिपोर्ट: अनुप सिंह

गढ़वा:उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी गढ़वा अनन्य मित्तल के निर्देश के आलोक में दिनांक 13 मई 2026 को जिले के विभिन्न मध्य विद्यालयों, प्राथमिक विद्यालयों एवं उच्च विद्यालयों में व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस विशेष निरीक्षण अभियान में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज सहित जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी/प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी सक्रिय रूप से शामिल रहे।

जिले भर में कुल 67 विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, मध्याह्न भोजन एवं विद्यालय संचालन की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया गया।

 

जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा द्वारा राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय रंका, नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्कूल रंका एवं परियोजना बालिका उच्च विद्यालय रंका का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में कई शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा आवश्यक विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही विद्यालयों में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य सुनिश्चित करने, पाठ योजना तैयार करने तथा विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

वहीं जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज द्वारा प्रखंड मेराल अंतर्गत मध्य विद्यालय पेशका, उत्क्रमित मध्य विद्यालय गिरवासोती, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय हरिजन टोला चामा एवं उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कोलोदोहर का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कोलोदोहर बंद पाया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की गई है।

इसके अतिरिक्त सभी वरीय पदाधिकारियों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (KGBV) एवं JBAV का भी औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया गया। संबंधित पदाधिकारियों द्वारा विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।

निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, जबकि कुछ विद्यालयों में साफ-सफाई एवं शैक्षणिक अनुश्रवण में सुधार की आवश्यकता महसूस की गई। सभी विद्यालय प्रधानों एवं शिक्षकों को विद्यालय संचालन में गुणवत्ता सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति एवं विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक वातावरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

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