उरिमारी-बादम सहित सैंकडो गांव को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य सड़क बदहाल, रोज़ाना हादसे का शिकार हो रहे दर्जनों गाँवों के लोग

विष्णु गुप्ता

बादाम:कहने को तो हजारीबाग जिला अंतर्गत ‘बादम’ एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक स्थान है, लेकिन यहाँ की जमीनी हकीकत विकास के दावों की पोल खोल रही है। ऐतिहासिक धरोहरों को समेटे इस क्षेत्र को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क आज अपनी बदहाली पर आँसू बहा रही है।

आपको बताते चलें कि बादम से जिला हजारीबाग को जोड़ने वाला यह मुख्य रास्ता मोतरा गाँव से होकर गुजरता है। यह कोई आम सड़क नहीं, बल्कि इस इलाके की लाइफलाइन है। गोंदलपूरा, हरली, नापो, और उरीमारी समेत दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ो लोग रोज़ाना अपनी जान जोखिम में डालकर इसी सड़क से गुजरने को मजबूर हैं। लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज इस सड़क की हालत पूरी तरह नदारद हो चुकी है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क सालों से निर्माणहीन पड़ी है। गढ्ढों में तब्दील हो चुकी इस सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उड़ती धूल के कारण यहाँ आए दिन छोटी-मोटी और गंभीर दुर्घटनाएँ आम बात हो चुकी हैं। खासकर रात

के समय बाइक और साइकिल सवारों के लिए यहाँ से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।

बदहाल सड़क के कारण एम्बुलेंस, स्कूली बसों और आपातकालीन वाहन इस रूट से नही गुजरते, जिससे मरीजों और छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

“एक तरफ सरकार पर्यटन और इतिहास को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ हमारे ऐतिहासिक बादम क्षेत्र की मुख्य सड़क को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।

एक ऐतिहासिक क्षेत्र और दर्जनों गाँवों की आबादी को इस तरह नजरअंदाज करना विकास के दावों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। ‘ग्राम दर्पण’ स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से यह पुरजोर अपील करता है कि इस सड़क की सुध ली जाए और इसका जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए ताकि ग्रामीणों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।

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