खाद्य निरीक्षक (फूड इंस्पेक्टर) को दी गई सूचना; प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे जा रहे हैं नमूने
“बच्चों की सेहत से खिलवाड़ अक्षम्य अपराध, मिलावटी सामग्री पर होगी कठोरतम कानूनी कार्रवाई”: बीडीओ सह सीओ
अनुप सिंह
बरडीहा प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह द्वारा प्रखंड क्षेत्र के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (MDM) की गुणवत्ता की जांच हेतु चलाए गए औचक निरीक्षण अभियान से हड़कंप मचा है। निरीक्षण के क्रम में पीएम श्री उच्च विद्यालय सेमरी में एमडीएम के लिए रखे गए कुकिंग ऑयल (सरसो तेल) में गंभीर मिलावट की आशंका जताई गई है।
विद्यालय निरीक्षण के दौरान जब बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह ने तेल के नमूने की जांच की, तो उसमें से जली हुई मोबिल जैसी तीव्र दुर्गंध आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, “यह तेल नहीं बल्कि जहर के समान है। बच्चों को ऐसा खाद्य पदार्थ परोसना उनके जीवन और स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।” उन्होंने तत्काल प्रभाव से तेल का सैंपल जप्त करते हुए फूड इंस्पेक्टर को सूचित किया।इस दौरान थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह ने भी कहा कि इस तरह से दो नंबर का तेल मसाला उसे करना सरासर गलत है।

बीडीओ ने कहा कि इस कड़ी का जाट नीचे से लेकर रांची तक करना होगा कि इस तरह का सरसो तेल कहां से लाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय प्रबंधन समिति एवं विद्यालय कर्मी के द्वारा सेहत पर खिलवाड़ किया जा रहा है।
इसके पश्चात बीडीओ ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय आदर एवं प्राथमिक विद्यालय कुसुमियादामर का भी औचक निरीक्षण किया। कुसुमिया दामर में तेल व मसाले सही पाए गए, परंतु आदर विद्यालय में आचार व मसालों की गुणवत्ता पर संदेह होने पर वहां से मसालों के नमूने जप्त किए गए। जप्त किए गए सभी सैंपलों को जांच के लिए लैब (प्रयोगशाला) भेजा जा रहा है।

जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक दिन पूर्व ही दी गई थी सख्त चेतावनी
गौरतलब है कि बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह ने महज एक दिन पूर्व ही प्रखंड के सभी प्रधानाध्यापकों की बैठक ली थी। बैठक में उन्होंने भावनात्मक और प्रशासनिक, दोनों स्तरों पर समझाते हुए निर्देश दिया था कि प्रधानाध्यापक स्वयं एमडीएम की सामग्रियों की गुणवत्ता जांचें।
उन्होंने स्पष्ट कहा था कि मिलावटी या निम्न स्तर का भोजन बच्चों को देना समाज, मानवता और कानून की नज़र में अक्षम्य अपराध है।

निरीक्षण के बाद बीडीओ ने दोहराया कि बच्चों की थाली में जहर नहीं, बल्कि शुद्ध और पौष्टिक आहार होना चाहिए। इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं औचक निरीक्षण से प्रखंड के सभी विद्यालयों और एमडीएम वेंडरों में हड़कंप का माहौल है।

