साइबर अपराध से लेकर डायन प्रथा तक पर दी जानकारी
अनूप सिंह
मझिआंव (गढ़वा):- थाना पुलिस ने अब थाना से निकलकर स्कूल में क्लास लगानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में गुरुवार को मुख्य बाजार स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय मंझिआंव में छात्र-छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व थाना प्रभारी अमित कुमार एवं एसआई संजय कुमार मुंडा ने किया।
लगभग दो घंटे तक चले इस सत्र में पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से सीधा संवाद किया और कानून की बारीकियों को बहुत ही सरल भाषा में समझाया।

वहीं थाना प्रभारी अमित कुमार ने महत्वपूर्ण चार विषयों पर विशेष फोकस किया जिसमें साइबर अपराध एवं साइबर सुरक्षा: थाना प्रभारी ने बताया कि आजकल सबसे ज्यादा अपराध मोबाइल और इंटरनेट के जरिए हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम पर अनजान लोगों से दोस्ती, अनजान लिंक पर क्लिक करना, और किसी को भी अपना OTP बताना खतरनाक है। अगर किसी के साथ भी ठगी होती है तो घबराए नहीं, तुरंत 1930 पर कॉल करें। यह 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन है।
महिला एवं बच्चों संबंधी अपराध को लेकर बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बहुत संवेदनशीलता से समझाया। उन्होंने कहा कि अगर स्कूल में, घर में या रास्ते में कोई भी व्यक्ति गलत तरीके से छूता है या परेशान करता है तो तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को बताएं। इसके लिए 112 (पुलिस आपात सेवा) और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) हमेशा मदद के लिए तैयार है।

इसके बाद बाल मजदूरी और बाल विवाह के बारे में अधिकारियों ने बताया कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराना और 18 साल से कम उम्र में लड़की और 21 साल से कम उम्र में लड़के की शादी कराना कानूनन जुर्म है। ऐसा करने वालों को 2 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
साथ थाना प्रभारी अमित कुमार एवं एस आई संजय कुमार मुंडा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डायन-भूत प्रताड़ना का आरोप लगाया जाता है जो झारखंड में यह एक बड़ी सामाजिक बुराई है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि डायन के नाम पर किसी भी महिला को प्रताड़ित करना, मारपीट करना या गांव से निकालना गंभीर अपराध है। इसमें 5 साल तक की सजा हो सकती है। अंधविश्वास से बचें और वैज्ञानिक सोच अपनाएं।

कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों से अपनी कॉपी में थाना प्रभारी का मोबाइल नंबर और हेल्पलाइन नंबर 112, 1098, 1930 लिखवाया गया। बच्चों ने भी पुलिस अधिकारियों से कई सवाल पूछे।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक वारीश खान ने कहा कि पुलिस का यह जागरूकता अभियान बच्चों के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। इससे बच्चे न सिर्फ सुरक्षित रहेंगे बल्कि कानून के जानकार भी बनेंगे। उन्होंने थाना प्रभारी अमित कुमार का आभार व्यक्त किया।

वहीं पुलिस पदाधिकारीयों ने बताया कि यह अभियान आगे भी सभी विद्यालयों में जारी रहेगा। विद्यालय के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा 8 से 10 तक के लगभग 150 से अधिक छात्र-छात्राएं और सभी शिक्षकगण उपस्थित थे।



