अनूप सिंह
धुरकी: थाना क्षेत्र निवासी एवं मदरसा दारूल उलूम के प्रिंसिपल मुफ्ती रौशन रजा मिस्बाही को छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर स्थित सुन्नी मक्का मस्जिद कमेटी की ओर से सम्मानित किया गया है। उन्हें उर्दू भाषा में लिखी गई उनकी चार पुस्तकों के लिए सम्मान और पुरस्कार प्रदान किया गया।
मुफ्ती रौशन रजा मिस्बाही ने मिस्र (इजिप्ट) की राजधानी काहिरा स्थित प्रतिष्ठित अल-अजहर यूनिवर्सिटी से अरबी शिक्षा में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है। वह गढ़वा जिले के धुरकी के निवासी हैं और वर्तमान में मदरसा दारूल उलूम में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं।

उनकी जिन चार पुस्तकों के लिए उन्हें सम्मानित किया गया, उनमें ‘रजा व कजा हदीस की रौशनी’, ‘निकाह की हकीकत कुरान और सुन्नत की रौशनी में’, ‘फजीलते अहले बैत’ और ‘मकबुल दुआ’ शामिल हैं। उनकी पुस्तकों में इस्लाम धर्म से संबंधित धार्मिक शिक्षाओं, तौर-तरीकों और विभिन्न धार्मिक विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है।
मुफ्ती रौशन रजा मिस्बाही गढ़वा जिले के उन विशिष्ट व्यक्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने मिस्र में रहकर अरबी, इस्लामी एवं अन्य विषयों की शिक्षा हासिल की है। उनकी लेखनी के माध्यम से धार्मिक ज्ञान और शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
सम्मान मिलने पर मुफ्ती रौशन रजा मिस्बाही ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर के लोगों और सुन्नी मक्का मस्जिद कमेटी ने उन्हें सम्मानित कर जो प्रोत्साहन दिया है, उसके लिए वह सभी के शुक्रगुजार हैं।



