अनूप सिंह
बरडीहा(गढ़वा) :- ओबरा गांव के विश्वकर्मा टोला में पिछले 23 वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद के स्थाई समाधान को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह की अध्यक्षता में ग्रामीणों एवं दोनों पक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई इस बैठक में दोनों पक्षों ने विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने पर अपनी रजामंदी दी।
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 23 अक्टूबर को दुर्गा पूजा के उपरांत एक महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस महापंचायत में दोनों पक्षों के लोग अपने-अपने भू-स्वामित्व के कागजात, संबंधियों एवं शुभचिंतकों के साथ उपस्थित रहेंगे। बैठक में यह भी लिखित समझौता हुआ कि महापंचायत (पंचों) का जो भी फैसला होगा, वह दोनों पक्षों को अंतिम एवं सर्वमान्य रूप से स्वीकार्य होगा। इस संबंध में लिखित सहमति पत्र तैयार कर लिया गया है। 23 सालों से लंबित इस जटिल विवाद के सुलझने की राह हमवार होने से ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है।

ज्ञात हो की ज़मीन को लेकर 2003 में अत्यंत ख़ून ख़राब जानलेवा हमला जैसी वारदात हो चुकी है और तब से ज़मीन परती है l सड़क पर पानी बहाने और अतिक्रमण को लेकर दी गई सख्त हिदायत
इससे पूर्व, आज सुबह निरीक्षण एवं भ्रमण के क्रम में अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने ओबरा गांव की विभिन्न सड़कों और नालियों की स्थिति का मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि निजी चापाकल का पानी लगातार सड़क पर बहने के कारण जलजमाव व फिसलन की स्थिति बनी हुई थी, जिसकी वजह से पूर्व में एक बच्चा फिसल कर गिर गया और उसका हाथ टूट गया, वहीं एक अन्य व्यक्ति भी घायल हो गया था।

अंचल अधिकारी ने इस स्थिति पर कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित मकान मालिकों और ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी परिस्थिति में घर या चापाकल का पानी सड़क पर न बहाएं। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सड़क पर लगे खूंटे हटाने तथा गोबर व अन्य गंदगी को साफ कराने की कार्रवाई की गई। भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें स्वच्छता बनाए रखने और सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए प्रेरित किया गया।



