अनूप सिंह

हरिहरपुर: चैती छठ पूजा को लेकर स्थानीय सोनतटीय क्षेत्र में वातावरण भक्तिमय हो गया है। छठव्रतियों ने सोमवार को असताचलगामी भगवान भाष्कर को संध्या अर्घ्य के बाद खरना किया। उसके बाद लोगों ने खरना का प्रसाद ग्रहण कराया। कठिन साधना का प्रतिक चैती छठ महापर्व को लेकर हरिहरपुर देवी धाम बाजारी प्रांगण में रामनवमी पूजा समिति के नवीन शुक्ला, शशिकांत सिंह, गोरख राम, निखिल सिंह, नेपाली सहित कई लोगों ने व्रतियों के लिए रास्ता व पूजा स्थल की विधिवत साफ सफाई व लाइट की पूरी व्यवस्था किया। गांव-गांव में छठी मइया के गीतों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया है। जिससे पूरा इलाका श्रद्धा और आस्था में डूबा नजर आ रहा है।
छठव्रतियों का पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर अपने 36 घंटे के निर्जला व्रत चल रहा है। खरना के दिन व्रती सुबह से ही उपवास रखकर शाम को शुद्धता और नियम का विशेष ध्यान रखते हुए पूजा की तैयारी में जुटे रहे। घरों की साफ-सफाई कर पूजा स्थल को पवित्र बनाया गया। सूर्यास्त के बाद व्रतियों ने गंगा जल या पवित्र जल से स्नान कर नए वस्त्र धारण किए और मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से गुड़ और चावल की महाप्रसाद खीर-रोटी तैयार किया। उसके बाद छठी मइया और भगवान सूर्य की आराधना कर प्रसाद का भोग लगाया गया। उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो इसको लेकर हरिहरपुर ओपी प्रभारी नसीम अंसारी दल बल के साथ सभी छठ घाटों का भ्रमण किया। घाटों पर सुरक्षा, रोशनी और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।



