सरकारी आवास योजना से वंचित परिवार को आने वाला बरसात की चिंता सताने लगी

उमेश कुमार

रमना :-प्रखंड में सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न प्रकार के आवास योजनाओं का लाभ से आज भी गरीब मजदूर वंचित है, जिस कारण परिवार का जान जोखिम में डालकर जिर्न शीर्ण कच्चा मकान में रहने को विवस है। सरकार आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों जो पक्का घर बनाने में सक्षम नहीं है को पीएम आवास, अबुवा आवास, बिरसा आवास जैसे योजनाओं के माध्यम से घर बनाने का राशि भुगतान कर गरीब मजदूर को भी पक्का घर प्रदान करने के लिए प्रयासरत है, लेकिन उक्त आवास योजनाओं में घोर भ्रष्टाचार व्याप्त है जिसकारण इक्का दुक्का गरीब मजदूर ग्रामीणों को छोड़ कर वैसे लोगो को आवास योजना का लाभुक मोटी रकम लेकर बना दिया जाता है जो खुद से आवास बनाने में सक्षम है जिस कारण निरीह गरीब परिवार इस योजना से वंचित रह जाते है और जान जोखिम में डालकर जिर्न शीर्ण घरो में रहने को विवश है।

सिलिदाग पंचायत निवासी सुनील कुमार पासी जो गन्नेबका रस बेच कर अपने बाल-बच्चों का पालन पोषण करते है गर्मी के मौसम समाप्त होते ही यह धंधा भी बंद हो जाता है जिससे परिवार का पालन पोषण किसी प्रकार खींच तीर कर चलता, पुराने मिट्टी के मकान की स्थिति जर्ज़र हो गया और मिट्टी का दिवार धसने लगा है उक्त मिट्टी के घर पर आधे में घास-फुस से छा छोप कर गुजर बसर करते है, जिसमे पति पत्नी के अलावे तीन बच्चे भी उक्त मिट्टी के जर्ज़र घर में डर के साये में रहते है। इस सम्बन्ध में सुनील कुमार पासी नें बताया की सैकड़ो बार पंचायत प्रखंड का चक्कर सरकारी आवास के लिए लगा चूका हूँ, कई बार जनप्रतिनिधि एवं प्रखंड कर्मी आकर घर भी देख लिए है लेकिन सरकारी आवास का लाभ नहीं मिला।गर्मी मौसम के बाद बरसात में कैसे रहेंगे कहा रहेंगे इस बात की चिंता सता रही है, गर्मी में तो किसी प्रकार काम चल जा रहा है, ज़ब बरसात शुरू होगा तो कैसे परिवार को सुरक्षित रखेंगे उस वक्त हमारे सामने आगे गड्ढा पीछे खाई है। मेरी आर्थिक स्थिति इतना ठीक नहीं है की मैं स्वयं से घर बना सकू, धनी धनी लोगो को सरकारी आवास का लाभ मिल चूका है, लेकिन मुझे केवल अस्वाशन मिल रहा है, इस प्रकार भेद भाव रवैया से मन दुःखी हो गया है।

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