अनुप सिंह
उपायुक्त गढ़वा के निर्देशानुसार आज अंचल कार्यालय बरडीहा में ‘भूमि समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भूमि विवाद से संबंधित कुल तीन गंभीर मामले सामने आए, जिनका मौके पर ही (ऑन द स्पॉट) निष्पादन कर दिया गया। सामने आए सभी मामले भूमि पर किसी अन्य का वास्तविक दखल होने और दूसरे पक्ष द्वारा दस्तावेजों के आधार पर उस पर जबरन कब्जा करने के प्रयास से जुड़े थे। मौके पर दोनों पक्षों को गंभीरता से सुनकर मामलों का त्वरित निपटारा किया गया।

बिना कानूनी प्रक्रिया के बेदखली संभव नहीं, यह प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत: सीओ
मामलों के निष्पादन के दौरान अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि जमीन के दखलकार तब तक दखलकार बने रहेंगे जब तक उनके हटाने हेतु कोई कानूनी आदेश या प्रक्रिया नहीं आ जाती है।
उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति वर्षों से दखलकार होकर किसी जमीन को जोत-कोड़ ,खेती व उपयोग कर रहा है, तो उसे बिना किसी उचित कानूनी प्रक्रिया के बेदखल नहीं किया जा सकता है। यह न केवल प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत है, बल्कि एक मजबूत कानूनी सिद्धांत भी है। किसी को भी कानून हाथ में लेने या जबरन कब्जा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम खरगडीहा में मनोज यादव वैगरह के जमीन पर गांव के ही कैलाश यादव, बाल रूप यादव, देव रूप यादव सहित अन्य लोगों के द्वारा जबरन जमीन कब्जा का मामला सामने आया। इसके बाद बीडीओ सह सीओ प्रवीण कुमार सिंह के द्वारा कागजात देखा गया, और इसके बाद मनोज यादव को खेती-बाड़ी करने के लिए कहा गया।

इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि उपायुक्त गढ़वा के निर्देशानुसार जिले में महीने में दो बार भूमि समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है। इसके तहत हर महीने की 15 तारीख को अंचल कार्यालय में और 30 तारीख को संबंधित थाने में भूमि विवाद के मामलों की सुनवाई व निष्पादन किया जाता है, ताकि ग्रामीण स्तर पर विवादों को बढ़ने से रोका जा सके।
आज आयोजित इस शिविर में मुख्य रूप से बरडीहा थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह, अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह, अंचल अमीन, अंचल निरीक्षक निशा सिन्हा, राजस्व उपनिरीक्षक और अंचल के प्रधान सहायक सहित कई कर्मचारी व फरियादी उपस्थित थे।

