संतानों के दीर्घायु,और सुख-समृद्धि की कामना का लोकपर्व ‘जीवित्पुत्रिका’ (जिउतिया) व्रत हर्षोल्लास एवं धार्मिक आस्था के साथ संपन्न

उमेश कुमार 

रमना: प्रखंड क्षेत्र में संतानों के दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना का लोकपर्व ‘जीवित्पुत्रिका’ (जिउतिया) व्रत हर्षोल्लास एवं धार्मिक आस्था के साथ संपन्न हुआ। शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हुए इस कठिन व्रत के दूसरे दिन देर शाम महिलाओं ने क्षेत्र के प्रमुख जलाशय, नदी और तालाबों में स्नान कर विधिवत पूजा-अर्चना की।

रमना प्रखंड के मूर्ति टोला, ब्रह्म स्थान, बाजार, बाबूडीह, रामगढ़, टंडवा, बहियार, परसवान, कर्णपुरा, मानपुर, गिधि, सीधी, रोहिला, कबिसा, मड़वानिया, कोरगा, मानदोहर, भगोडीह, चुन्दी, हरादाग, बुलका, गम्हरिया, सिलीदाग और मंगरा सहित विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के जलाशयों पर व्रती महिलाओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

स्नान और पूजा के उपरांत महिलाओं ने सामूहिक रूप से निर्जला व्रत का संकल्प लिया और जीवित्पुत्रिका भगवान व चील-शियार की कथा सुनी। शाम ढलते ही जलाशयों के घाट और पूजा स्थल पारंपरिक लोकगीतों एवं ‘झूमर’ गायन से गुंजायमान हो उठे। महिलाओं ने समूह बनाकर एक-दूसरे के साथ झूमर गाकर और नृत्य कर अपनी खुशी प्रकट की।

व्रती महिलाओं ने बताया कि यह व्रत संतानों के स्वास्थ्य, दीर्घायु और उनके जीवन में आने वाली हर विपत्ति से रक्षा के लिए किया जाता है। शनिवार को चौबीस घंटे से अधिक के कठिन निर्जला उपवास के बाद पारण के साथ इस महाव्रत का समापन होगा।पर्व को लेकर पूरे रमना प्रखंड क्षेत्र में भक्तिमय और उत्सव का माहौल बना रहा।

Leave a Comment