अनूप सिंह

मझिआंव:- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत रेफरल अस्पताल मझिआंव में बीपीएम के निर्देशन में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों और महिलाओं को एचपीवी संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक करना तथा सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों,आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम तथा स्थानीय क्षेत्र की किशोरियों ने भाग लिया। इधर बीपीएम शिवनारायण मंडल के मार्गदर्शन में सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की गईं। उपस्थित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एचपीवी वायरस, इसके दुष्प्रभाव और वैक्सीनेशन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान बीपीएम एसएन मंडल ने बताया कि इस कार्यक्रम की शुरुआत 30 मार्च 2026 से हो चुकी है। जागरूकता में अभाव के कारण वैक्सीनेशन की गति धीमी थी। लेकिन अब लोग जागरुक हो रहे हैं, इस वैक्सीनेशन कार्यक्रम के पूर्व में छः किशोरियों को एचपीवी का वैक्सीनेशन किया गया था।उसके पश्चात आज के कार्यक्रम में 15 किशोरियों को भी एचपीवी का वैक्सीनेशन किया गया। इस दौरान किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन प्रदान की गई। साथ ही उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी लाभार्थियों को सुरक्षित और सही तरीके से टीका लगाया जाए।
इस पहल से स्थानीय समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है और किशोरियों में टीकाकरण को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ है। कार्यक्रम के अंत में बीपीएम ने सभी प्रतिभागियों और स्वास्थ्य कर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भविष्य में भी जारी रहेंगे, जिससे समाज को स्वस्थ और सुरक्षित बनाया जा सके। ताकि यह एचपीवी वैक्सीनेशन कार्यक्रम जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सके।



