मीडिया और सोशल मीडिया में वायरल वीडियो के आलोक में जांचोपरांत हुयी कार्रवाई
टीम बनाकर हुई जांच में पाई गई सत्यता, प्राथमिकी के निर्देश, इंडियन ऑयल को भी दी गई सूचना
अनुप सिंह
गढ़वा के लातदाग स्थित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप से जुड़े वायरल वीडियो की जांच में मामला सही पाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के नेतृत्व में जांच करवाई गयी। एसडीएम ने टीम बनाकर अंचल अधिकारी मेराल, थाना प्रभारी मेराल एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा मामले की जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद संबंधित पेट्रोल पंप को एहतियातन सील कर दिया गया।

गैलन में पेट्रोल-डीजल देने के नाम पर अतिरिक्त वसूली का था आरोप
गढ़वा: जिले के मेराल लातदाग स्थित शिवनंदन फ्यूल पेट्रोल पंप पर आरोप था कि गैलन में पेट्रोल-डीजल देने के बदले निर्धारित राशि से अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे थे। एक वायरल वीडियो में पेट्रोल पंप कर्मियों द्वारा लगभग 200 रुपये अतिरिक्त मांगने की बात सामने आई थी। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन तत्काल हरकत में आया और मामले की जांच शुरू की गई।

जांच में आरोप सही पाए गए
प्रशासनिक जांच में यह पुष्टि हुई कि गैलन में डीजल देने के नाम पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त 200 रुपये की मांग की जा रही थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सदर एसडीओ ने सख्त कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पंप को सील करवा दिया। साथ ही संबंधित लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

*प्रशासन ने दिया सख्त संदेश*
एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं से अवैध वसूली एवं नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य पेट्रोल पंप संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी के साथ जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम, अंचल अधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी यशवंत नायक, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तथा थाना प्रभारी मेराल विष्णु कांत सहित संबंधित कर्मचारी एवं पुलिस बल के जवान मौजूद थे।
अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी इंडियन ऑयल के एरिया सेल्स मैनेजर को भी दे दी गई है।
षडयंत्र कर फंसाया गया:- मेंराल के लातदाग में शिवनंदन फ्यूल पर छापामारी कर सील किए जाने के संबंध में फ्यूल पंप के संचालक ओम करण तिवारी ने बताया कि उन्हें एक साजिश कर फसाया जा रहा है।फ्यूल पम्प के मैनेजर की अनियमितता के कारण उसे हटा दिया गया था,जिसके प्रतिशोध में उसके द्वारा गलत तरीके से वीडियो बनवाकर वायरल किया गया और जान बूझकर फसाया गया है।



