“आपन सरस्वतिया” अभियान के 12वें दिन भी जारी रहा सफाई एवं डी-सिल्टिंग कार्य

 

नदी सफाई में भाग लेकर गढ़वा वासी दिखा रहे है सच्चा पर्यावरण प्रेम : एसडीएम

अनुप सिंह

गढ़वा: जनसहभागिता एवं प्रशासनिक सहयोग से संचालित “आपन सरस्वतिया” अभियान के तहत शुक्रवार को लगातार 12वें दिन भी सरस्वतिया नदी की सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य जारी रहा। अभियान के अंतर्गत आज नवादा क्षेत्र में नदी की सफाई कर उसके प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्स्थापित करने की दिशा में कार्य किया गया।

अभियान के दौरान नदी क्षेत्र में जमा गाद, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाने का कार्य किया गया। स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई तथा नदी संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

आज के सफाई एवं डी-सिल्टिंग कार्यक्रम के प्रायोजक के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता एवं व्यवसायी रविकांत दुबे ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। उनके सहयोग से अभियान को मजबूती मिली। अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने उनके इस योगदान की सराहना करते हुए इसे समाज के प्रति उत्तरदायित्व एवं जनहित के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने अन्य लोगों से भी इस प्रकार की स्वैच्छिक भागीदारी की अपील की

 

अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि “आपन सरस्वतिया” अभियान अब एक व्यापक जनअभियान का रूप ले चुका है, जिसमें समाज के विभिन्न वर्ग स्वेच्छा से आगे आकर योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक अभियान की वास्तविक सफलता तब सुनिश्चित होती है जब समाज स्वयं उसे अपना अभियान मानकर उसमें भागीदारी करे।

वहीं मेराल क्षेत्र में भी सरस्वतिया नदी की सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य लगातार जारी है। प्रशासन एवं स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयास से नदी के प्राकृतिक प्रवाह को पुनर्जीवित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

अनुमंडल पदाधिकारी ने अभियान में सहयोग देने वाले सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लोगों से अपील की कि वे नदी क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें तथा सफाई के बाद पुनः गंदगी फैलाने वालों के प्रति सामाजिक जागरूकता भी बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिन लोगों ने भी नदी सफाई मैं भूमिका निभाई है उन लोगों ने पर्यावरण संरक्षक होने का व्यावहारिक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही जन समर्थन मिलता रहा तो सरस्वतिया नदी के पूर्ण पुनर्जीवन तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

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