गवर्नर रोड कोयल नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने भरी हुंकार

 

पलामू–गढ़वा ही नहीं, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ तक आवागमन होगा सुगम

अनुप सिंह 

पलामू जिला के मोहम्मदगंज स्थित ऐतिहासिक गवर्नर रोड पर कोयल नदी के ऊपर उच्चस्तरीय पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। रविवार को गवर्नर रोड के समीप पलामू जिले के मोहम्मदगंज एवं गढ़वा जिले के कांडी, मझिआंव सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से सरकार से शीघ्र पुल निर्माण की स्वीकृति देने की मांग की गई तथा इस जनहित के मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मोहम्मदगंज गवर्नर रोड ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। ब्रिटिश शासनकाल में इसी मार्ग से तत्कालीन गवर्नर का काफिला कोयल नदी पार कर दूसरे प्रांतों की ओर जाता था। आजादी के दशकों बाद भी इस स्थान पर पुल का निर्माण नहीं होने से हजारों लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में गढ़वा जिले के कांडी, श्रीनगर, मझिआंव, भवनाथपुर, केतार सहित आसपास के क्षेत्रों तथा बिहार के रोहतास जिले के सोन नदी से सटे गांवों के लोगों को मोहम्मदगंज रेलवे स्टेशन आने-जाने के लिए लगभग 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर भीम बैराज होकर गुजरना पड़ता है। इससे समय, ईंधन और धन तीनों की बर्बादी होती है।

बैठक में कहा गया कि गढ़वा जिले के सुंडीपुर मुख्य पथ से मोहम्मदगंज गवर्नर रोड पर कोयल नदी में उच्चस्तरीय पुल का निर्माण होने पर गढ़वा जिले के कांडी, श्रीनगर एवं पांडू क्षेत्र का सीधा संपर्क बिहार में सोन नदी पर निर्माणाधीन पुल से जुड़ जाएगा। इससे मोहम्मदगंज–डेहरी–औरंगाबाद मुख्य मार्ग तक महज 14–15 किलोमीटर में सीधी पहुंच संभव होगी।

वक्ताओं ने कहा कि यह पुल केवल स्थानीय आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के बीच संपर्क को भी मजबूत करेगा। डेहरी–औरंगाबाद–मोहम्मदगंज मार्ग से गढ़वा होकर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश जाने वाले वाहनों की दूरी लगभग 80 से 100 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इससे मालवाहक वाहनों, बसों, ट्रैक्टरों तथा अन्य बड़े वाहनों का निर्बाध परिचालन संभव होगा।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहम्मदगंज रेलवे स्टेशन गढ़वा जिले के कांडी, मझिआंव, भवनाथपुर, केतार सहित बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों का प्रमुख रेलहेड है। पुल बनने से हजारों लोगों को रेलवे सुविधा का लाभ आसानी से मिल सकेगा। साथ ही कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे तथा पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

बैठक में यह भी कहा गया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर इस मांग को उठाया जाता रहा है। विधायक नरेश सिंह ने भी इस मामले को विधानसभा में उठाया है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने सरकार से अविलंब पुल निर्माण की स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ कराने की मांग की।

बैठक में मोहम्मदगंज एवं गढ़वा जिले के विभिन्न गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि यह पुल क्षेत्र के विकास की आधारशिला साबित होगा और इसके निर्माण तक आंदोलन जारी रहेगा।

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