टीडीएम कॉलेज नगर उंटारी में साइबर फ्रॉड को लेकर नव पदस्थापित थाना प्रभारी ने चलाई जागरूकता क्लास 

 

 

सचेत नहीं रहे तो कभी भी नंगन कर लूट लिये जाएंगे आप:थाना प्रभारी अविनाश राज

 

बताए 1930 फ्री कॉल की विशेषता

 

अनूप सिंह

गढ़वा: साइबर फ्रॉड ने अपनी कुटिल चाल से अपराध की प्रवृति को इस कदर बदल दिया है कि लोग स्वयं उसके जाल में फंसकर लाखों रुपए गवां दे रहे हैं। मिथ्या सामाजिक प्रतिष्ठा के संभावित हनन से साइलेंट किलर की तरह लोगों के पॉकेट खाली की जा रही है। समाज की इस महती चिंता को चीरने के उद्देश्य से टीडीएम इंटर महाविद्यालय अधौरा नगर उंटारी में साइबर फ्रॉड को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में बतौर विशेषज्ञ नगर उंटारी थाना प्रभारी अविनाश राज ने छात्र छात्राओं को विस्तार से साइबर फ्रॉड और उससे बचने का उपाय बताया।

उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से महिलाओं के चेहरा को न्यूड़ बॉडी के साथ जोड़कर ब्लैकमेल किया जाता है। अपरिचित लड़का द्वारा महिलाओं को और अपरिचित लड़की द्वारा पुरुषों के साथ फ्रॉड किया जा रहा है। उन्होंने कहा एक छोटी सी चूक जिंदगी को तबाह कर सकती है। उन्होंने अज्ञात नम्बर से वीडियो कॉल, वॉट्सएप्प कॉल, किसी तरह की बात नहीं करने, अपनी तस्वीर और वीडियो को पब्लिक ऐप पर नहीं डालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस झमेला में फंसे लोगों से लाखों रुपए की मांग की जाती है। नहीं देने पर एआई जेनरेटेड न्यूड़ वीडियो को उनके परिवार, परिचित और सोशल प्लेटफॉर्म पर डालने की धमकी दी जाती है। इस कारण कई लड़कियां आत्महत्या भी कर चुकी हैं। उन्होंने इस स्थिति से निपटने के लिए सामाजिक प्रतिष्ठा को दरकिनार कर सीधे थाना को सूचित करने की बात कही।

इसी तरह कोई फ्रॉड बैंक मैनेजर या बैंक कर्मी बनकर आपको फोन करेगा। डेबिट कार्ड एक्सपायर होने या खाता बंद होने की बात कहेगा और उसे चालू करने के लिए एक ओटीपी भेजेगा। ओटीपी का नंबर प्राप्त कर वह आपके पूरे खाता को साफ कर देगा। इसी तरह अभिभाव को फोन आता है कि आपके बेटे को 10 किलो गांजा के साथ पकड़ा गया है। अभी तुरंग इसी नंबर पर दो लाख रुपए डालिये नहीं तो अपना बेटा जेल भेज दिया जाएगा। उसका कैरियर खराब हो जाएगा। इस तरह के कई तरीके अपनाकर आपको लूटा जा रहा है। इसी को डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है। साइबर फ्रॉड यदि उक्त जंजाल में फंसाकर आपसे पैसा लूटते हैं तो 5 -10 मिनट के अंदर एनसीआरटी द्वारा जारी टॉल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए। उसके बाद वहां से प्राप्त शिकायत नंबर के साथ स्थानीय थाना में आवेदन दें। आपका पैसा वापस कर दिया जाएगा।

थाना प्रभारी अविनाश राज ने कई उदाहरणों के माध्यम से साइबर फ्रॉड को आसान भाषा में समझाया। इस मौके पर पुलिस पदाधिकारी अनुज कुमार सिंह, महाविद्यालय के सचिव शारदा महेश प्रताप देव, प्राचार्य धनंजय सिंह, शिक्षक – शिक्षकेत्तर कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में छात्र – छात्राएं उपस्थित थीं।

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