‘लाल बालू’ का खूनी खेल: प्रशासन के दावों की खुली पोल, मौत के बाद भी जारी है बालू माफियाराज

 

प्रशासन द्वारा क्यों किया जा रहा है अनदखी, ग्रामीणों में उठ रही है सवाल

अनूप सिंह

कांडी : थाना क्षेत्र में अवैध बालू का काला कारोबार थमता नजर नहीं आ रहा है। जबकि अंचल कार्यालय द्वारा छापेमारी और प्राथमिकी के कड़े निर्देश जारी किए गए थे उसकी भी धज्जियां उड़ाई जा रही है। बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि रात के अंधेरे में दर्जनों ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट प्रशासन के इकबाल को चुनौती दे रही है।

बताते चलें कि हाल ही में अंचल कार्यालय, कांडी द्वारा निर्गत पत्रांक 153 (दिनांक 13.03.2026) में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है कि 12 मार्च को अवैध बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से सोनपुरा गांव की एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने 20 घंटे तक सड़क जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया था। पत्र में अंचल अधिकारी राकेश सहाय ने थाना प्रभारी कांडी एवं हरिहरपुर को सख्त निर्देश दिए थे कि क्षेत्र में अवैध उठाव पूर्णतः बंद हो और दोषियों पर तुरंत FIR दर्ज की जाए। वहीं अब प्रशासनिक दावों के उलट, स्थानीय ग्रामीणों द्वारा साझा किए गए वीडियो क्लिप और साक्ष्य यह चीख-चीख कर कह रहे हैं कि कार्रवाई केवल फाइलों तक सीमित है। और बालू माफियाओं का कारोबार चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के कुछ दिनों बाद प्रशासन ने फिर से ‘मौन’ साध लिया है। रात होते ही बालू माफिया सक्रिय हो जाते हैं और तेज रफ्तार ट्रैक्टर सड़कों पर काल बनकर दौड़ने लगते हैं। अभी कुछ दिन पहले ही धुरकी थाना क्षेत्र के भंडार गांव में बालू ट्रैक्टर से ही एक की मौत के बाद जिला में हाहाकार मच गया। लेकिन बालू माफिया रात में ट्रैक्टर चलाने से बाज नहीं आ रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि क्या प्रशासन को इन ट्रैक्टरों का शोर सुनाई नहीं देता, या जानबूझकर आंखों पर पट्टी बांध ली गई है? क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि आखिर किसके रसूख और संरक्षण में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जब उच्चाधिकारियों और अंचल अधिकारी ने स्पष्ट रूप से अवैध खनन पर रोक लगाने और रात्रि गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया है, तो स्थानीय स्तर पर कार्रवाई ‘सिफर’ क्यों है?

एक महिला की जान गंवाने के बाद भी प्रशासन की यह ‘कुंभकर्णी नींद’ हैरान करने वाली है। जिला प्रशासन को दिए गए साक्ष्यों के आधार पर अब जनता यह उम्मीद कर रही है कि क्या इन माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई होगी, या प्रशासन किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?” देखना होगा कि साहब की कलम अब कब चलती है।”

 

इधर इस संबंध में पूछे जाने पर अंचल अधिकारी राकेश सहाय ने बताया कि इसकी जानकारी हमें नहीं है, अगर ऐसा है तो जांच कर कारवाई किया जाएगा।

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