20 दिन देरी से उत्तर कोयल बराज से नहर में छोड़ा गया पानी, किसानों को राहत पर अभी भी चिंता बरकरार 

अनुप सिंह

मोहम्मदगंज/पलामू – खरीफ फसल की सिंचाई को लेकर लंबे इंतजार एवं मिडिया में आई खबर के बाद आखिरकार रविवार को उत्तर कोयल जलाशय भीम बराज से नहर में पानी छोड़ा गया। निर्धारित तिथि से लगभग 20 दिन की देरी के बाद दाईं मुख्य नहर के तीन गेट खोले गए हैं, जिससे क्षेत्र के किसानों को कुछ राहत मिली है। बराज से दाईं मुख्य नहर के तीन गेट 10-10 सेंटीमीटर तक खोले गए हैं। फिलहाल नहर में 255 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं बराज के डाउन स्ट्रीम की ओर एक गेट खोलकर लगभग 370 क्यूसेक पानी का बहाव किया जा रहा है। बराज का वर्तमान पौंड लेवल 250 दर्ज किया गया है।

नहर के गेट खोलने की पूरी प्रक्रिया बराज प्रमंडल के सहायक अभियंता सुलेंद्र कुमार, कनीय अभियंता शुभम कुमार, मनीष कुमार तथा सौरभ पटेल की निगरानी में संपन्न हुई। बराज के नियमित संचालन के लिए तीन पालियों में कुल 12 दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के साथ एक इलेक्ट्रिशियन की प्रतिनियुक्ति की गई है।

20 दिन की देरी से शुरू हुआ संचालन

सिंचाई विभाग के अनुसार खरीफ फसल की सिंचाई के लिए नहर में पानी छोड़ने की निर्धारित तिथि 15 जून थी। लेकिन जलाशय में पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं होने के कारण लगभग 20 दिनों की देरी से नहर का संचालन शुरू किया गया है।

क्षेत्र के किसानों ने नहर में पानी छोड़े जाने का स्वागत किया है। लेकिन उनका कहना है कि अभी छोड़ी जा रही 255 क्यूसेक पानी की मात्रा उनकी जरूरतों के लिए काफी कम है। किसानों का मानना है कि धान सहित अन्य खरीफ फसलों की समय पर सिंचाई के लिए पानी की मात्रा बढ़ानी होगी।

किसानों को उम्मीद है कि जलाशय में जलस्तर बढ़ने के साथ नहर में पानी की मात्रा भी बढ़ाई जाएगी, ताकि फसल उत्पादन पर प्रतिकूल असर न पड़े।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी माना है कि वर्तमान में छोड़ी जा रही मात्रा व्यापक सिंचाई की आवश्यकता की तुलना में कम है।

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