पुरानी परंपरा के अनुसार होगी पूजा-अर्चना, आसपास के कई गांवों से पहुंचेंगे श्रद्धालु; हाल की घटनाओं के कारण इस बार अपेक्षाकृत कम रहेगी भीड़: ग्रामीण
अनुप सिंह
कांडी:- प्रखंड क्षेत्र में बड़े ही धूमधाम से कृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जा रहा है। और जगह जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वहीं सरकोनी पंचायत अंतर्गत सेमौरा गांव स्थित प्राचीन श्री राधे-कृष्ण मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को परंपरागत तरीके से विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसे लेकर ग्रामीणों में उत्साह है।

ग्रामीणों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री राधे-कृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जा रहा है। हालांकि, हाल के दिनों में क्षेत्र में हुई कई आकस्मिक मौतों के कारण इस वर्ष माहौल अपेक्षाकृत शांत है और पिछले वर्षों की तुलना में श्रद्धालुओं की भीड़ कुछ कम रहने की संभावना है। इसके बावजूद वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा के अनुसार जन्माष्टमी का आयोजन पूरे श्रद्धाभाव से किया जाएगा।
वहीं ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सेमौरा का श्री राधे-कृष्ण मंदिर वर्षों पुराना और क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। मान्यता है कि मंदिर में श्रद्धापूर्वक की गई प्रार्थना से लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी आस्था के कारण जन्माष्टमी सहित अन्य अवसरों पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है।

वहीं लोगों ने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर जमुआ, आमडीहा, भीलमा, सरकोनी, पतीला, कर्मा समेत आसपास के कई गांवों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। ग्रामीण आयोजन को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में जुटे हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्री राधे-कृष्ण मंदिर केवल पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों की आस्था और वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। जन्माष्टमी के दिन यहां भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक माहौल देखने को मिलेगा।

